मन - एक राजा MAN- EK RAJA
हम जब भी कोई काम करते हैं तो पहले उसके बारे में सोच विचार करते हैं। काम शुरू करने से पहले हमें मानसिक रूप से तैयार होना पड़ता है अर्थात काम करने के लिए मन की स्वीकृति आवश्यक है। मन के विरुद्ध काम करने का साहस किसी में नहीं होता है मन सर्वशक्तिमान है। वह हमसे जैसे चाहे वैसे काम करवा सकता है। मनुष्य अपने जीवन में जो भी अच्छे बुरे काम करता है सब मन की प्रेरणा से ही करता है। हमारे द्वारा किए गए कार्य ही हमें अच्छा बुरा बना देते हैं। हमें भला बुरा बनाने में मन की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। किसी के पास शक्तियां अधिक हो किन्तु उनका ठीक से प्रयोग करना नहीं आता हो तो उसकी ये शक्तियां किसी काम की नहीं रहती हैं और इनसे किसी का हित होने के स्थान पर अहित होने की संभावना हो जाती है। ऐसे में उसे कुशल सलाहकार की आवश्यकता होती है जो उसका उचित मार्गदर्शन कर सके। मन के पास भी एक सलाह देने वाला होता है। विवेक मन को उचित सलाह देने का काम करता है। ...