कौन आगे और कौन पीछे KAUN AAGE AUR KAUN PEECHHE
आपने खिलाड़ियों को दौड़ते हुए देखा होगा। इस दौड़ में जीत उसी की होती है जो दौड़ में आगे निकल जाता है। दौड़ जब लम्बी होती है तो धावक को ट्रैक (जिसमें खिलाड़ी दौड़ता है) के कई चक्कर लगाने पडते हैं। इस दौड़ में कौन आगे निकल जायेगा कुछ कहा नहीं जा सकता है। कभी कोई आगे और कभी कोई आगे यह सब चलता रहता है। अन्त में जो सबसे आगे निकल जाता है जीत उसी की होती है। मनुष्य का जीवन भी एक लम्बी दौड़ की तरह है। जीवन की इस दौड़ में हर कोई आगे निकलने का प्रयास कर रहा है। दर्शक-समाज को कभी कोई आगे निकलता दिखाई देता है और कभी कोई। इस दौड़ में, हमें जिससे आत्मीयता होती है उसे आगे निकलता देखकर हम खुश होते हैं और दूसरा कोई आगे निकलता है तो हम उदास हो जाते हैं। यह मानव स्वभाव है। ईश्वर ने हमें बहुत कुछ दिया है लेकिन सबकुछ नहीं दिया है। किसी को ज्ञान दिया है तो उसे धन नहीं दिया। किसी को स्वर दिया है तो उसे सुन्दरता नहीं दी। ईश्वर ने जो कुछ भी किया है हमारे भले के लिए किया है। उसने ना हमें कोई सजा दी है और ...