मानव जीवन में दिखावे का महत्व MAANAV JEEVAN MEIN DIKHAVE KA MAHATAV परिवर्तन प्रकृति का आवश्यक नियम है। कभी जाड़ा, कभी गर्मी तो कभी बरसात होती है। पेड़ पौधों में भी पर…
मैंने कब कहा MAINE KAB KAHAA हम जब भी किसी के साथ बैठते हैं तो आपस में कुछ न कुछ बात अवश्य करते हैं। इन बातों का सिलसिला यूँ ही …
इंसान की भूख INSAN KI BHOOKH सृष्टि में जितने भी सजीव प्राणी हैं सभी भोजन करते हैं। भोजन से ही वे पलते- बढ़ते हैं। भोजन सभी की म…
सिक्के के दो पहलू SIKKE KE DO PAHLOO हम जब भी सिक्के की बात करते हैं तो अनायास ही हमारे दिमाग में सिक्के के दोनों पहलुओं का विचार आता है…
अपनी राह APNI RAH समय तेजी से बदल रहा है। शिक्षा और ज्ञान -विज्ञान का भी तेजी से विकास हुआ है। नये- नये आविष्कार होने…
विनम्रता और हमारा जीवन VINAMRATA AUR HAMAARA JEEVAN मनुष्य में विनम्रता का भाव जन्मजात नहीं होता है। बच्चा जब छोटा होता है तो हँसना, रोना, खाना- पीना औ…
ईश्वर दिखता क्यों नहीं ? ISHWAR DIKHTA KYON NAHI मैं कोई वैज्ञानिक या दार्शनिक नहीं हूँ और न ही कोई ऐसा चर्चित व्यक्ति हूँ कि हर कोई मेरी बात को तबज…
पूर्वाग्रह और हमारा जीवन | POORVAGRAH AUR HAMAARA JEEVAN # BLOG हम सब समाज में रहते हैं। यदि कोई ऐसा कहे कि उसे समाज की आवश्यकता नहीं है तो उसका यह कथन निराधार और …
जीवन में समझदारी # JEEVAN MEIN SAMAJHDARI # BLOG जीवन को सुखमय बनाने की हर किसी की लालसा होती है और हर कोई इसके लिए प्रयासरत भी रहता है। जीवन को सुख…
पैसा-- प्रतिष्ठा और प्रेम PAISA-- PRATISHTHA AUR PREM # BLOG पैसा और प्रतिष्ठा को लेकर कई बार लोग आपस में चर्चा करने लगते हैं। पश्चिमी सभ्यता का प्रभाव कहें या …