सत्य की खोज SATYA KI KHOJ
आज मैं जिस बिषय पर लिखने जा रहा हूँ उसका कोई आदि और अन्त नहीं है.जब किसी वस्तु का कोई सिर पैर ही नहीं हो तो अपनी बात कहाँ से शुरू की जाये कुछ समझ नहीं आ रहा है फिर भी अपनी बात तो कहनी ही है. जब हम कोई नयी खोज करते हैं तो उसके लिए हमें अनेक बार प्रयास करना पड़ता है क्योंकि कि कोई भी सफलता हमें आसानी से प्राप्त नहीं होती है। इसका तात्पर्य यह कदापि नहीं होता है कि हम प्रयास करना बंद कर दें और हाथ पर हाथ रखकर बैठ जाये ं। हम अपने काम में यदि असफल भी जाते हैं तो भी हमें यह सीख अवश्य मिलती है कि हमसे कहीं चूक हुई है और हम दूसरी तरह अपना प्रयास करते हैं। हमें अपने प्रयास से कुछ न कुछ सीखने को अवश्य मिलता है। हमारा प्रत्येक प्रयास हमें सफलता के निकट ले जाता है, इसीलिए असफलता को सफलता तक पहुँचने की सीढ़ी कहा जाता है। मानव जीवन के इतिहास में जितनी भी खोजें हुई हैं वे सब लम्बे संघर्ष और प्यास का परिणाम हैं। विज्ञान इस बात को मानता है कि कोई भी वस्तु न तो नये सिरे से उत्पन्न की जा सकती है और न ...