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तितलियाँ मुझको भाती हैं Poem On Butterfly In Hindi

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सुन्दर देख बगीचा मेरा तितलियों ने डाला डेरा विविध प्रकार के फूल खिल रहे इन पर मंडराती हैं तितलियाँ मुझको भाती हैं खिले फूल सदा इन्हें लुभाते फूल अधखिले इन्हें न भाते खिले हुए फूलों का रस ये लेते नहीं अघाती हैं तितलियाँ मुझको भाती हैं फूलों का रस चूसती तितली बेसुध होकर कभी न फिसली फूलों का रस चूस-चूस कर मन में  हरषाती हैं तितलियाँ मुझको भाती हैं चंचलता है स्वभाव इनका फूल नहीं कोई इनके मनका  उड़ती फिरती ंइधर उधर ये फूलों पर इतराती हैं तितलियाँ मुझको भाती हैं रंग बिरंगे पंख हैं इनके खुली धूप में खूब ये चमके पंखों को ये तेज हिलाकर दूर बहुत उड़ जाती हैं तितलियाँ मुझको भाती हैं एक बार हाथ आ गयी तितली उसके पंख से चमक जो निकली बहुत समय बीत जाने पर भी  वो याद मुझे आती है तितलियाँ मुझको भाती हैं

गुब्बारे का गुबार POEM ON BALLOON IN HINDI

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रंग रूप का हूँ मैं प्यारा बच्चों की आँखों का तारा हीलियम गैस मुझे सुहाती आसमान की सैर कराती बात बताऊँ तुमको हंँसके पकड़े रहना मुझको कसके छूट गया फिर हाथ न आऊंँ आसमान में मैं उड़ जाऊँ बच्चों के साथ मैं भी खेलता इधर उधर मैं उड़ता फिरता बच्चे मेरा ख्याल बहुत रखते दूसरों को तभी छूने नहीं देते फूटने से वो मुझे बचाते फूट गया तो वो रो जाते बच्चे मुझको लगते अच्छे होते हैं वो मन के सच्चे बच्चों का जन्मदिन जब आता मैं भी खुशियाँ   खूब मनाता सदा दोस्ती तुमसे मैं रखता इसलिए एक शिकायत करता मुझे फोड़कर खुशी मनाते बिल्कुल न तुम हो पछताते मैं मतलब का दोस्त तुम्हारा जान गया अब यह जग सारा

स्वास्थ्य-महत्व एवं रक्षा Health-Importance and sanitation

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जीवन में स्वास्थ्य का कितना महत्व कोई अस्वस्थ, दिव्यांग व्यक्ति ही कर  सकता है व्यक्त फिर भी इतना तो स्पष्ट एक अस्वस्थ व्यक्ति कोई भी कार्य ठीक से कर सकता नहीं परिणामस्वरूप स्पष्ट है विचार अच्छे स्वास्थ्य के बिना जीवन में है अंधकार अच्छे स्वास्थ्य के लक्षण समझें चिकित्सक ही लेकिन फिर भी  ऐसी है अभिव्यक्ति शरीर के सभी अवयव स्वभाविक रूप से क्रियाशील हों कार्य में लगे मन थकान न महसूस हो शीघ्र व्यक्ति की कार्यक्षमता पर न लगे प्रश्नचिह्न तो ऐसा व्यक्ति कहा जा सकता है स्वस्थ स्वास्थ्य रक्षा कैसे हो?  समस्या है जटिल तो क्यों न चिंतन एवं मनन करें, समस्या पर जीवन का प्रारंभ होता गर्भ में ही अत:वैवाहिक जीवन में पति पत्नी के सम्बन्ध मधुर स्वास्थ्य एवं विचार हों अच्छे गर्भ धारण के बाद माँ, स्वास्थ्य परीक्षण कराए चिकित्सक से परामर्श कर औषधि ले संतुलित आहार खाए प्रसव के पश्चात नवजात शिशु को माँ अपना ही दूध पिलाए समय पर शिशु का हो टीकाकरण अति घनिष्ठ सम्बन्ध है शिक्षा और स्वास्थ्य का बालक की शिक्षा हेतु बालक को प्रवेश दिलाएं  अच्छे विद्यालय में समुचित ध्यान दें खेल पर स्वास्थ्य की ज...

मंदी (रिसेंशन) Recession

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अर्थतंत्र के दो पहलू माँग एवं पूर्ति संतुलित हो करते मूल्य निर्धारण देते गति अर्थव्यवस्था को आर्थिक मुनाफा कमाने हेतु कम्पनियां करतीं अधिक उत्पादन वस्तु की लागत कम करने के लिए फलस्वरूप पूर्ति हो जाती अधिक माँग की तुलना में पूर्ति की अधिकता से आ जाती मंदी अर्थव्यवस्था में मंदी कर देती चौपट व्यक्ति, समाज, देश एवं विश्व को इससे होती विकास की गति धीमी बढ़ती बेरोजगारी नीचा होता जीवन स्तर कृषि एवं उद्योग चौपट होते इसके प्रभाव से जन जीवन होता अस्त व्यस्त मंदी दूर करने  हेतु किये जायें प्रयास ऋण उपलब्ध कराया जाए कम ब्याज दर पर संरक्षण दिया जाए उद्योग धंधों को व्यापार को मिले प्रोत्साहन सुधार हो वस्तुओं तथा सेवाओं की गुणवत्ता में संतुलन हो माँग एवं पूर्ति में दूर होगी मंदी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे सुधरेगी अर्थव्यवस्था

गर्मी पर कविता | Poem on Summer Season in Hindi

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गर्मी ने हैं जुलम गुजारे कपड़े भी अब लगें न प्यारे आए पसीना भीगें कपड़े सूख गए तो लगते अकड़े गर्मी से जब मन घबराता बाहर भीतर चैन न आता छत ऊपर से तपती भारी पंखे की हवा लगे न प्यारी  बिस्तर भी गर्मी से गरमाया बिन बिस्तर के सोना भाया  खाना पकाना भी है मुश्किल रसोई में न रहा जाए बिल्कुल नल का पानी अमृत जैसा खूब पियो कुछ लगे न पैसा गर्मी में हम खूब नहाएं जल को व्यर्थ कभी न बहाएं धन्य हमारे कृषक भाई गर्मी में भी करें जुताई टप-टप गिरे पसीना उनका मानो जल गिरता वर्षा का गरीबों को लगती गर्मी सर्दी धनवानों की चलती मनमर्जी गर्मी में वे  A C को चलाते सर्दी में वे हीटर को जलाते फ्रिज और  A C गर्मी बढ़ाते गर्मी का दुख हम सब पाते जीव जन्तु सब गए अकुलाए सोचें कैसे गर्मी जाए वृक्ष लगें गर्मी में प्यारे गर्मी के संकट से उबारें वृक्ष समान न कोई हितकारी काटा वृक्ष गयी मति मारी