अनुकूलन और हम ANUKOOLAN AUR HAM
मैं कोई विद्वान या भाषाविद नहीं हूँ जो मैं आपको अनुकूलन शब्द की व्युत्पत्ति के बारे में समझाऊँ कि यह शब्द किन किन शब्दों से मिलकर बना है और यह विशेषता किस अर्थ में प्रयोग किया जाता है। मैं तो केवल इतना जानता हूँ कि जब कोई परिस्थितियों के अनुसार अपने आप को बना या ढाल लेता है तो यह कहा जायेगा कि उसने अनुकूलन कर लिया है। अनुकूलन की प्रक्रिया एक जटिल प्रक्रिया होती है इसमें जीव को बहुत संघर्ष करना पड़ता है। इसमें जीवों को प्रतिकूल परिस्थितियों के साथ संघर्ष करना पड़ता है। इस समयावधि में जो जीव परिस्थितियों के साथ संघर्ष करके अनुकूलन नहीं कर पाते हैं उनका जीवन बहुत ही कष्टदायी होता है या फिर वे नष्ट ही हो जाते हैं। कुछ जीवों में अनुकूलन काफी लम्बी समयावधि में हो पाता है ऐसे में उनका रंग रूप और आकार भी बदल जाता है। वृक्षों को आपने देखा होगा। कुछ वृक्ष सदा हरे भरे रहते हैं जबकि कुछ वृक्ष पतझड़ ले लेते हैं। जो वृक्ष जलवायु के साथ अनुकूलन कर लेते हैं वे सदा हरे भरे बने रहते हैं ...