जीवन की सीख Jeevan ki Seekh Hindi poem

समय से जगना, समय से उठना, 
समय से तुम सब काम करो.
जीवन सफल हो जाए तुम्हारा
जग में ऐसे काम करो.

खाना पीना ठीक रखो अपना, 
कभी न मदिरा पान करो.
जिससे स्वास्थ्य ठीक रहे तुम्हारा, 
सदा तुम ऐसे काम करो

अपने अन्दर पहले झांको, 
फिर दूसरे की बात करो.
बुराई करना ठीक नहीं, 
तुम न किसी की बुराई करो.

जो चाहो निज मान बढ़ाना, 
दूसरों का सम्मान करो.
बनना चाहो प्रिय जो सबका, 
मत किसी का अपमान करो.

सच्चे के तुम साथ में रहना, 
झूठे का मत साथ  करो.
करे बुराई कोई तुम्हारी, 
उसका भी सम्मान करो.

जो भी पास तुम्हारे हो, 
उसका ही रसपान करो.
दूसरों की चीज देखकर, 
मत मन को कभी उदास करो.

खाली बैठकर तुम यूँ ही, 
कभी न समय बर्बाद करो.
कर्म किये बिना फल नहीं मिलता, 
नित मन में ऐसा ध्यान धरो.

बिना संघर्ष के कुछ नहीं मिलता, 
संघर्ष से न डरा करो.
कर्म कभी निष्फल नहीं होता, 
कर्म का तुम गुणगान करो.

निज देश का हित हो जिससे, 
ऐसा तुम नित काम करो.
भूल से भी कुछ गलत न हो.
ऐसा ईश्वर से ध्यान धरो.



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