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जीवन की सीख Jeevan ki Seekh Hindi poem

समय से जगना, समय से उठना,  समय से तुम सब काम करो. जीवन सफल हो जाए तुम्हारा जग में ऐसे काम करो. खाना पीना ठीक रखो अपना,  कभी न मदिरा पान करो. जिससे स्वास्थ्य ठीक रहे तुम्हारा,  सदा तुम ऐसे काम करो अपने अन्दर पहले झांको,  फिर दूसरे की बात करो. बुराई करना ठीक नहीं,  तुम न किसी की बुराई करो. जो चाहो निज मान बढ़ाना,  दूसरों का सम्मान करो. बनना चाहो प्रिय जो सबका,  मत किसी का अपमान करो. सच्चे के तुम साथ में रहना,  झूठे का मत साथ  करो. करे बुराई कोई तुम्हारी,  उसका भी सम्मान करो. जो भी पास तुम्हारे हो,  उसका ही रसपान करो. दूसरों की चीज देखकर,  मत मन को कभी उदास करो. खाली बैठकर तुम यूँ ही,  कभी न समय बर्बाद करो. कर्म किये बिना फल नहीं मिलता,  नित मन में ऐसा ध्यान धरो. बिना संघर्ष के कुछ नहीं मिलता,  संघर्ष से न डरा करो. कर्म कभी निष्फल नहीं होता,  कर्म का तुम गुणगान करो. निज देश का हित हो जिससे,  ऐसा तुम नित काम करो. भूल से भी कुछ गलत न हो. ऐसा ईश्वर से ध्यान धरो.

मानव जीवन में आस्था का महत्व MAANAV JEEVAN MEIN AASTHA KA MAHATV

 आस्था या विश्वास का मानव जीवन में बहुत अधिक महत्व होता है. इससे व्यक्ति के अन्दर सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है जिससे व्यक्ति को अपने कार्य में सफलता प्राप्त होने के अवसर अधिक रहते हैं.इसका मुख्य कारण यह होता है कि व्यक्ति जिसमें आस्था रखता है उससे व्यक्ति का वैचारिक तारतम्य जुड़ जाने से व्यक्ति की सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि हो जाती है और व्यक्ति को अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी हो जाती है. इस तथ्य को समझने के लिए एक छोटे से उदाहरण का सहारा लेना अनुचित न होगा.  माना कि एक शिक्षक अपनी कक्षा में सभी विद्यार्थियों को समान रूप से पढ़ाता है. कुछ विद्यार्थी जिन्हें शिक्षक में आस्था है वे शिक्षक की बातें ध्यान पूर्वक सुनते हैं उन्हें पाठ आसानी से समझ में आ जाता है. इसके विपरीत जिन विद्यार्थियों को शिक्षक में आस्था नहीं है वे आपस बातें करते रहते हैं शिक्षक द्वारा पढ़ाये गए पाठ को ध्यानपूर्वक नहीं सुनते हैं. बाद में कहते हैं सरजी आपने जो पढ़ाया हमारी समझ में नहीं आया. पाठ समझ में न आने का कारण मेरे विचार से शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच ठीक से  तारतम्य स्थापित न होना रह...