स्वास्थ्य-महत्व एवं रक्षा Health-Importance and sanitation



जीवन में स्वास्थ्य का
कितना महत्व
कोई अस्वस्थ, दिव्यांग
व्यक्ति ही कर  सकता है व्यक्त
फिर भी
इतना तो स्पष्ट
एक अस्वस्थ व्यक्ति
कोई भी कार्य
ठीक से कर सकता नहीं
परिणामस्वरूप
स्पष्ट है विचार
अच्छे स्वास्थ्य के बिना
जीवन में है अंधकार
अच्छे स्वास्थ्य के लक्षण
समझें चिकित्सक ही
लेकिन फिर भी 
ऐसी है अभिव्यक्ति
शरीर के सभी अवयव
स्वभाविक रूप से
क्रियाशील हों
कार्य में लगे मन
थकान न महसूस हो शीघ्र
व्यक्ति की कार्यक्षमता पर
न लगे प्रश्नचिह्न
तो ऐसा व्यक्ति
कहा जा सकता है स्वस्थ
स्वास्थ्य रक्षा कैसे हो? 
समस्या है जटिल
तो क्यों न चिंतन एवं मनन करें, समस्या पर
जीवन का प्रारंभ
होता गर्भ में ही
अत:वैवाहिक जीवन में
पति पत्नी के सम्बन्ध मधुर
स्वास्थ्य एवं विचार हों अच्छे
गर्भ धारण के बाद
माँ, स्वास्थ्य परीक्षण कराए
चिकित्सक से परामर्श कर
औषधि ले
संतुलित आहार खाए
प्रसव के पश्चात
नवजात शिशु को
माँ अपना ही दूध पिलाए
समय पर शिशु का हो टीकाकरण
अति घनिष्ठ सम्बन्ध है शिक्षा और स्वास्थ्य का
बालक की शिक्षा हेतु
बालक को प्रवेश दिलाएं 
अच्छे विद्यालय में
समुचित ध्यान दें खेल पर
स्वास्थ्य की जाँच कराये ं
पौष्टिक आहार दें
अच्छे साथियों के साथ
रहने, खेलने हेतु प्रेरित करें
अवगत कराये ं किशोर को
अच्छे स्वास्थ्य के लाभ से
निवास हेतु आवास हो
हवादार, सीलन मुक्त एवं प्रकाश युक्त
गृह पुष्प -वाटिका से
परिवेश हो प्रदूषण मुक्त
मन रहे प्रसन्न
न हो तनाव किसी प्रकार का
सकारात्मक सोच हो जीवन में
स्वस्थ विचार
पौष्टिक आहार
उचित व्यायाम
स्वास्थ्य के प्रति सजगता
उपाय स्वास्थ्य रक्षा के
इनके अनुपालन से होगा
स्वस्थ मन, सबल तन एवं सशक्त राष्ट्र



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