मानव जीवन में दिखावे का महत्व MAANAV JEEVAN MEIN DIKHAVE KA MAHATAV

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    परिवर्तन प्रकृति का आवश्यक नियम है। कभी जाड़ा, कभी गर्मी तो कभी बरसात होती है। पेड़ पौधों में भी परिवर्तन स्पष्ट दिखाई देता है। पेड़ पौधे समय से फूलते फलते हैं। इसी तरह समाज में भी परिवर्तन होता है। इसे सामाजिक परिवर्तन कहा जाता है। 
              पहले मनुष्य की सीमित आवश्यकताएं थीं। इनकी पूर्ति के लिए मनुष्य प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग और उपभोग करता था। उसके जीवन में दिखावा बहुत कम था। उसका जीवन एक स्वाभाविक जीवन था। मनुष्य अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर लेता था। जीवन में टेंशन कम था इसलिए मनुष्य स्वस्थ रहता था। 
              समय का पहिया चलता रहा। सभ्यता का विकास हुआ। अब मनुष्य की आवश्यकताएं पहले से कहीं अधिक हो गयी ं। अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अब इंसान को पहले से कहीं अधिक मेहनत करनी पड़ रही थी। जब आदमी परेशानी झेलता है तब उसका दिमाग ज्यादा चलता है और अपनी समस्या का समाधान किसी तरह ढूंढ लेता है। 
               मनुष्य ने धीरे धीरे प्राकृतिक वस्तुओं के साथ साथ कृत्रिम वस्तुओं का उत्पादन करना भी सीख लिया। अब वो इन वस्तुओं का अपने जीवन में उपयोग और उपभोग करने लगा। 
              मनुष्य विवेकशील प्राणी है। वो जीवन में बदलाव पसंद करता है। अब उसका आकर्षण इन कृत्रिम वस्तुओं की ओर अधिक होने लगा जो अपने मूलरूप से कुछ हटकर थीं और देखने में सुंदर लग रही थी ं। अच्छा दिखने की सोच इंसान की सदा से रही है। समाज में किसी व्यक्ति के पास अद्वितीय वस्तु हो तो हर किसी की नजर अनायास ही उसकी ओर खिंच जाती है जिससे उसकी एक पहचान बन जाती है। 
                कहने को कोई कुछ भी कहता हो, मेरे विचार से जीवन में दिखावा बहुत जरूरी है। जीवन के हर क्षेत्र में दिखावा करने वाले व्यक्ति को सफलता मिलती है। ऐसे व्यक्ति जो दिखावे से मुंह सिकोड़ते हैं वे लोग सफलता की दौड़ में पीछे रह जाते हैं। 
                एक उदाहरण के द्वारा इस बात को समझने का प्रयास करते हैं। माना एक भिक्षु अपना रूप बनाये बिना ही भिक्षा मांगने चला जाता है तो उसे बहुत कम भिक्षा मिलती है। अगले दिन वही भिक्षु दीन-दुखी का रूप बनाकर भीख मांगता है तो लोगों को उसपर अधिक दया आ जाती है और उसे अधिक भीख मिल जाती है, यह दिखावे का ही परिणाम है। 
               दिखावे में आकर्षण का गुण होता है। यह हर किसी को अपनी ओर खींचता है। लड़का लड़की के बीच रिश्ता दिखावे के कारण ही जुड़ता है। लड़का लड़की एक दूसरे के दिखावे को देखकर ही  उसे पसंद करते हैं। इनकी चमक दमक और इनका फैशन इनकी सुंदरता में चार चांद लगा देता है।
               पैसा खर्च किए बिना मनुष्य के जीवन में कुछ भी सम्भव नहीं है। दिखावा करने में भी पैसे खर्च होते हैं। दिखावा करने के लिए मंहगी वस्तुएं खरीदनी पड़ती हैं। जिस व्यक्ति के पास जितनी अधिक मंहगी वस्तु होगी उसका उतना ही अधिक समाज में नाम होगा। 
              किसी व्यक्ति के पास कितना बैंक बैलेंस है उसे कोई नहीं देखता है। व्यक्ति के पास क्या क्या वस्तुएं हैं इसे दुनिया देखती है। किसी का दिखावा देखकर ही लोग उसको बड़ा आदमी कहते हैं। 
                जीवन में दिखावा हर जगह काम आता है।मनुष्य के व्यक्तित्व के विकास में दिखावे की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अच्छे कपड़े और उनके पहनने का तौर तरीका, बातचीत करने का ढंग ये सब बातें उसे अपने काम में कामयाब बनाती हैं। 
               किसी अपरिचित व्यक्ति का  आंकलन हम उसके दिखावे को देखकर ही करते हैं। उसका हावभाव, उसका पहनावा, उसका बातचीत करने का तौर तरीका और उसका वयवहार हमें उसके बारे में सबकुछ बता देता है । हमें उससे पूछने की जरूरत नहीं पड़ती है। 
                दिखावा प्रगति का द्योतक है। दिखावे के बिना जीवन नीरस है। दिखावा दो दिलों को जोड़ता है। हमारा जीवन दिखावे पर ही टिका है इसलिए जीवन में दिखावा बनाये रखना जरूरी है। 
                
      
               
    कमैंट्स