संदेश

चुगल Chugal

रोज तुम्हारी गल मैं सुनता, आज तुम सुनों हमारी | मन कहता है लिख दूँ ऐसा, दूर हो व्यथा तुम्हारी || चुन-चुन कर गल तुम लाते, तनिक नहीं घबराते हो | स्वाद कहीं कड़ुवा नहीं हो जाय, सच में झूठ मिलाते हो || सच्चे लोगों की कमजोरी, झूठ नहीं सुन पाते हैं | फलस्वरूप सच्ची ख़बरों से ,वे वंचित रह जाते हैं || सुनने वाले  के मन को भाँप, तुम बातें खूब बनाते हो|| उसको होता बोर देखकर, नई  कथा  सुनाते  हो  || घर आए की इज्जत करना, यह संस्कृति हमारी है | इसका फ़ायदा खूब उठाकर, चलती बात तुम्हारी है|| अच्छों-अच्छों को पीछे छोड़, तुम अपना काम बनाते हो | बात करने की कला है तुममें, उसका लाभ उठाते हो || न्यूज़, मनोरंजन दो चैनल तुम्हारे, इनसे आदर मिलता है | पता नहीं कब क्या कुछ कर दो, हर कोई तुमसे डरता है || भय है तुम्हारा इतना की सब, हाँ में हाँ मिलाते हैं | ऐसे वैसे की बात नहीं, बड़े -बड़े हिल जाते हैं  || बनता काम विगाड़ो तुम ही, विगड़ा तुम्हीं बनाते हो | इसीलिए कहीं गाली मिलती, और कहीं पूजे जाते हो  || सही को गलत समझ लेना, लोगों की आदत पुरानी है | भला बताओ इस दुनिया में, तुमसे ...

डा० भीमराव अम्बेडकर

भारत रत्न से सम्मानित, संघर्ष किया असीम  | विधिवेत्ता, दलित मसीहा, तेरी जय जय भीम  || चौदह अप्रैल 1891 को, महू में जनमें आप   | भीमाबाई सकपाल माँ,  और राम जी   बाप  || बड़ौदा नरेश ने शिक्षा हेतु, छात्रवृत्ति की  प्रदान | बैरिस्टर बन देश का  , खूब किया  कल्यान  || संविधान के चक्र के  , सदा आप रहे  अक्ष  | आरक्षण की बात कही, दलितों का लिया पक्ष || दलितों का भी सिर ऊँचा हो, होय छुआछूत दूर | भीमराव अम्बेडकर जी ने, संघर्ष किया भरपूर  || दलित और दीन-दुखियों से, रहा आपका प्यार  | स्वतंत्रता और समानता रहे, आपके दर्शन के आधार ||   भारत के इतिहास में सदा, अमर रहेगा नाम  | भीमराव अम्बेडकर जी ने, किये है ं ऐसे काम ||   

ब्यूटी Beauty

बाई चान्स एक लड़के का किसी सुन्दर लड़की से हो गया प्यार प्रतिदिन दोनों में होती ं मीठी मीठी बातें काफी समय बीत गया लड़की ने देखा रोजाना विश इसके अलावा न कभी रोमांस और न कभी किस सोचा  किसी अनाड़ी से तो पल्ला नहीं पड़ गया परेशान होकर एक दिन बोली इस गति से मंजिल तक पहुँचने में कितने वर्ष लगेंगे?  लड़के ने उत्तर दिया किसी विद्वान ने कहा है ब्यूटी इज ओनली सी नाट फार टच

लिंगानुपात असंतुलन

सृष्टि के प्रारंभ में श्रृद्धा और मनु अवतरित हुए सोचिए क्या कारण रहा होगा इसके पीछे शायद यही न कि दोनों पूरक थे एक दूसरे के जीवन अधूरा रहता  दोनों का एक दूसरे के अभाव में वर्तमान समय में समाज में कन्या भ्रूण हत्या से हो रहा असंतुलन स्त्री पुरुष अनुपात में भविष्य क्या होगा सोचा है किसी ने क्या स्त्री के बिना चल पाएगी सृष्टि बिना स्त्री के  रह पाएगा पुरुष कैसा होगा जीवन स्त्री के अभाव में अत: न करें लड़का लड़की में भेद इससे होगा संतुलित समाज एवं राष्ट्र

शेर-शायरी

अगर जिंदगी को तुम बनाना चाहते बेहतर | सदा आशा रखो मन में गुजारो हर समय हँसकर || कामयाबी की दुनियाँ में वे ही कदम रखते हैं | जो हर काम मन लगाकर किया करते हैं  || दुखों को झेल कर ही सुख मिला करते हैं  | गुलाब के फूल सदा काटों में खिला करते हैं || जिंदगी दुखों से भरी प्यार जीने का सहारा है | कोई इसे न समझे तो क्या दोष हमारा है || दुखों के दरिया को हिम्मत की किश्ती से पार करना | इस वेरहम दुनियाँ से दुख का इज़हार मत करना  || सुख में सब साथ देते हैं दुख में कौन देता है | बक्त आने पर अपना साया भी साथ छोड़ देता है || बड़ा हैरान हूँ मैं कि कौन अपना पराया है | जिनको अपना समझा था उन्हीं ने जुल्म ढाया है || बक्त गुजर जाएगा यादें आएंगी अपने परायों की | किसने खंजर भोंका किसने मरहम लगाया था || ऐ प्रेम के प्यासे तू रहना जरा संँभल कर | यह वो गर्म दूध है जो पिया भी नहीं जाता उगला भी नहीं जाता || मोहब्बत वो रास्ता है जिसमें कांँटे ही काँटे है ं | इस पर चलने वाले सदा मीठी ही सज़ा पाते हैं || बहुत हैरान मैं उनसे मुझे जो बिगड़ा कहते हैं | कुदरत की हर चीज विगड़ कर ही बना करती है || हम से अ...

गरीबी poverty

गरीबी क्या है?  एक विचारणीय प्रश्न सामान्यतः जब किसी व्यक्ति के जीवन में अभाव झलकता हो उसका खानपान रहन-सहन स्वास्थ्य वेशभूषा परिवेश दयनीय हो ं है ं गरीबी के लक्षण इसके मुख्य कारण अशिक्षा तकनीकी शिक्षा का अभाव अकर्मण्यता बेरोजगारी अनुचित आर्थिक नीतियांँ प्राकृतिक साधनों का दुरूपयोग आदि गरीबी को  देखना आसान किन्तु सहना कठिन अत: इसको  दूर करने हेतु किये जायें प्रयास रोजगार परक शिक्षा हो प्राकृतिक संसाधनों का दोहन हो कर्म को महत्व दें आलस्य न आने दें जीवन में जनसंख्या वृद्धि पर नियंत्रण हो इन सब उपायों से  गरीबी होगी दूर विकास होगा समुचित राष्ट्र होगा विकसित

सामंजस्य Adjustment

  परिवर्तन आवश्यक नियम प्रकृति का समय के साथ बदलतीं परिस्थितियां लोगों के विचार व्यवहार सामाजिक मूल्य एवं मान्यताएं अतएव जीवन शैली में परिवर्तन लाना  हो जाता आवश्यक किन्तु रूढ़ियां जकड़े रहती मानव को परिवर्तन लाना हो जाता कठिन अब केवल विकल्प रहता तालमेल बैठाने का इसलिए सामंजस्य आवश्यक गुण व्यक्ति के जीवन का इससे बाधाएं हो जाएं कम जीवन हो सरल एवं सुखमय

पतंग kite

मजबूत देखकर माजा लाओ,  उसमें बाँधकर मुझे उड़ाओ  |       ठीक तरह से मुझे बाँध लो,         छोटे भैया को संग ले लो  | छुट्टी देंगे छोटे भैया,  मुझे उड़ाएंगे दद्दा भैया |         भूलकर भी छत्त पर न जाओ,          मैदान में जाकर मुझे उड़ाओ | आसमान में मैं उड़  जाऊँ,  हवा से बातें करके आऊँ |          शांत हवा में मौज मनाती,           तेज हवा से मैं घबराती | ढील देने पर नीचे गिरती,  खेंचो तो ऊपर उड़ जाती |          मुझसे तुम अनुशासन पाओ,           जीवन में ऊँचे उठ जाओ |

मोबाइल Mobile phone

आओ मेरे पास बैठो, प्रिय मित्र मोबाइल | अपने दिल की बातें कह दूँ, चेहरे पर आए स्माइल || बिना तुम्हारे आज किसी को, चैन नहीं पड़ता है | छोटा बच्चा भी तो, मोबाइल के लिए लड़ता है || बच्चों के तुम बने खिलौना, बड़ो के जीवन साथी  | बूढ़ों के तुम बने सहारा, रहा कोई नहीं बाकी   || आल इन वन बनकर तुम आए, ऐसा रंग जमाया | घड़ी, रेडियो, टी वी छोड़कर, सबने तुमको अपनाया || दुनिया को एक करने का, तुमने फ़र्ज निभाया  | दूर से भी दूर व्यक्ति को, सबके निकट बैठाया || कलयुग के तुम बने देवता, घर घर पूजा होती  | चाहे पहने हों पैंट, पजामा, अथवा बांँधे हों धोती || समाजवाद के सच्चे उपासक, बनकर तुम आए हो | प्रिय मित्र मोबाइल तुम्हारी, जय हो, जय हो, जय हो ||                                                                                          

फुलवारी - FULWARI

चित्र
                                                                                   प्रातः काल जब मैं उठता,                   आंँगन मे दिखती फुलवारी  |   खुद तो बैठी मुझे घुमाती,                   आंँगन की ऐसी फुलवारी|   मैं नहाऊँ तो गोसल जाऊँ,                    वर्षा में नहाती फुलवारी |        नहाय धोयकर, सज संवर कर,                    आँगन में बैठी फुलवारी |        जब-जब हँसती और मुस्कराती,                    मुझको खुश करती फुलवारी | ...