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जाने दो JANE DO

सजीव का एक लक्षण संघर्ष करना भी है। जो संघर्ष कर रहा है उसी का जीवन वास्तव में जीवन है। घर परिवार और समाज में आये दिन कोई न कोई ऐसी बात हो जाती है जिसको लेकर आपस में कहा सुनी हो जाती है और बात का बतंगड़ हो जाता है।  कभी तो बात रफा दफा हो जाती है और कभी कभी यही बात इतनी बढ़ जाती है कि झगड़े का रूप ले लेती है। झगड़ा हो जाने पर दोनों ही पक्षों को काफी नुकसान उठाना  पड़ता है। ऐसे समय में हमें क्या करना चाहिए यह विचारणीय प्रश्न है?             'जाने दो' सामाजिक जीवन से जुड़ी समस्याओं का आदि और अन्त दोनों ही है। जीवन में आये दिन कोई न कोई घटना होती रहती है। इन घटनाओं का हमारे जीवन से सम्बन्ध होता है। ये हमारे जीवन को प्रत्यक्ष  अथवा परोक्ष किसी न किसी रूप में  प्रभावित करती हैं। कोई घटना ऐसी होती है जिस पर ध्यान न दिया जाये तो बात वही ं रफा दफा हो जाती है और बात का बतंगड़ नहीं बनता है। इससे दोनों पक्षों का जीवन सहज हो जाता है, उन्हें कोई कठिनाई नहीं होती है।             हमारे जीवन में कुछ घटनाएं ऐसी...